गुरुवार, 1 मार्च 2018

बड़े शौक से सुन रहा था जमाना तुम तो सो गई दास्ताँ कहते-कहते

       

अपने शानदार अभिनय से सिनेप्रेमियों के दिलों पर राज करनेवाली महानायिका श्रीदेवी अब हमारे बीच नहीं रहीं 24 फरवरी के रात उनका दुबई में निधन हो गया | श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त 1963 को तमिलनाडु में हुआ अपने करियर की शुरुआत महज चार साल की उम्र में उन्होंने तमिल फ़िल्म ‘कंधन करुनाई’ से बतौर बाल कलाकार के रूप में किया | बचपन में इन्हें अम्मा अयप्पन अयंगर के नाम से जाना जाता था | पिछले साल ही तो इन्होने फिल्मों में 50 साल पुरे किए | एक लम्बी शानदार यात्रा का अचानक असमय दुखद अंत !  सही मायने में वह सम्पूर्ण अभिनेत्री थीं | अगर दर्शकों को याद होगा श्रीदेवी की फ़िल्म सदमा जहाँ क्लाइमेक्स में कमल हसन बेहतरीन थे वहीं अभिनय में श्रीदेवी लाजवाब थीं | यह तमिल फ़िल्म ‘मुन्दरम पिरई’ की रीमेक थी |यादाशत खो चुकी युवती के बच्ची की तरह व्यवहार करने का एक जटिल अभिनय श्रीदेवी ने बखूबी निभाया | यह श्रीदेवी की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक है | जिन्होंने फ़िल्म देखी है उन्हें ‘हरिप्रसाद’ वाला सीन याद होगा |   
  ग्लैमर के पैमाने पर उनके खाते में तोहफा,हिम्मतवाला,मकसद, मवाली, मास्टरजी, मिस्टर इण्डिया, चाँदनी, चालबाज, लम्हे, खुदा गवाह, नगीना, निगाहें तक लम्बी सफल फिल्मों का लिस्ट है |
‘मिस्टर इण्डिया’ में चार्ली चैपलिन की नक़ल में श्रीदेवी ने कामेडी पर अच्छी पकड़ दिखाई जो बाद में चालबाज की दोहरी भूमिका में और मजबूती से सामने आया | अगर यह कहा जाय की वह हिन्दी सिनेमा की आख़िरी महारानी थीं तो शायद गलत नहीं होगा | भले ही माधुरी दीक्षित ने नम्बर वन का खिताब उनसे झटक लिया था | लेकिन श्रीदेवी के रुतबे को उनसे कोई आंच नहीं आया | बाद में बहुत सारी प्रतिभावान अभिनेत्रियाँ आईं लेकिन श्रीदेवी के जैसा जादुई असर छोड़ने में नाकामयाब रही |
ऐसा कहा जाता है कि श्रीदेवी कुल मिलाकर 29 प्लास्टिक तथा कास्मेटिक सर्जरी करवा चुकी थीं इनमें से एक सर्जरी में गड़बड़ी हो गई थी | साउथ कैलफोर्निया के उनके डाक्टर ने उन्हें कई डायट पिल्स लेने की सलाह दी थी और वह उन्हें ले भी रही थीं, कई एंटी एजिंग दवाइयाँ भी ले रही थीं | इनसे खून गाढ़ा होने की शिकायत होती है | लीपोसकसन, बोटोक्स, प्लास्टिक सर्जरी लिप स्किन सर्जरी ये सब तो है हीं | इनके दर्द से बचने के लिए एनाल्जैसिक और अन्य सावधानियां धूप से बचना, हवा से बचना, एक ही तरह के वातावरण में रहना आदि | याद करें माइकल जैक्सन भी ऐसी हीं मिलती जुलती यातना सहकर मरे थे | रंग गोरा कराने के चक्कर में पहला सेलिब्रेटी जो हर समय दर्दनाशक दवाइयां लेता रहता था | मुस्कुराते चेहरों को भी बुढा होने का डर कितना भयंकर !
अपनी बड़ी बेटी जान्हवी की फिल्मी पारी की शुरुआत और उसकी पहली फ़िल्म को परदे पर देखने के लिए उत्साहित थीं लेकिन नियति ने उन्ही के कहानी पर परदा गिरा दिया |


अलविदा चांदनी 

अर्पणा दीप्ति  

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