बुधवार, 25 मार्च 2015

आज के डेक्कन क्रानिकल समाचार पत्र में दक्षिण की प्रख्यात अभिनेत्री से YSR congress  की नेत्री बनी रोजा का बड़ा ही ऊटपटाँग बयान पढने को मिला।ऎसा लगता है रोजा सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए किसी हद तक जा सकती हैं। औरतों से जुड़ी हुई बहुत सारी समस्याएँ एवं मुद्‍दे हैं जिन पर ध्यान दिया जा सकता है तथा सकारात्मक ढंग से इसे सदन में इसे उठाया जा सकता है। सुर्खियों में बने रहने के लिए यह चारित्रिक एवं नैतिक अधो:पतन की पराकाष्ठा नहीं तो और क्या है। 

मन वसंत जीवन वसंत हर्ष राग उल्लास सब वसंत

  वसंत की एक ही बात लुभावनी है कि इसमें रंग अपने सबसे उत्कृष्टतम रूप में उभर जाते हैं। मुझे रंगों का यह मेल-जोल इतना अच्छा लगता कि किसी भी उ...