समय के लिए कुछ और तय नहीं
मेरे बिखरे पन्ने
शुक्रवार, 20 मार्च 2026
समय के लिए कुछ और तय नहीं
बुधवार, 18 मार्च 2026
जब आप किसी से प्रेम करते हैं तो आप उनसे हर समय, हर पल बिल्कुल एकसमान रूप से प्यार नहीं करते हैं। यह नामुमकिन है। ऐसा दिखाना या जताना भी झूठ है।
सोमवार, 9 मार्च 2026
अनुवाद हमेशा मुश्किल दिनों में किसी दवा की गोली सा बनकर आता है।
सोमवार, 23 फ़रवरी 2026
इंद्रप्रस्थ डायरी भाग-1
दो सहेलियाँ मुद्दतों बाद मिली बतकही मे उलझी-सी ❤️ |
वैसे तो इंद्रप्रस्थ नगरी की तमाम तस्वीरें अच्छी हैं और स्मृतियों को दुहराकर अच्छा लग रहा पर बबीता के साथ की ये कुछ तस्वीरें कुछ बबीता ने कुछ मैंने और कुछ आग्रह पर वहाँ पर उपस्थित लोगों ने खींच दी सब तस्वीरें कमाल है। मन खुश हो जा रहा। जैसे जैसे हम बड़े हुए बबीता से दोस्ती पक्की हुई। पुरानी हुई और लगा जैसे जीवन यात्रा पर हम कहीं न कहीं समानांतर ही चल रहे। बाकी सबसे मिलकर ऊष्मा, स्मृतियां और अच्छा लगना होता है। उसके साथ अपना जैसा। यह अपने आप में एक सुंदर बात है।
वैसे शाम तक हम घूमते रहे । चटख तस्वीरें दिनों तक मन अच्छा रखेंगी। महीने साल-दर-साल स्मृतियों में जीवंत रहेंगी | बनी रहो ऐसी ही ❤️..। बने रहेंगे हम भी ❤️ |
समय के लिए कुछ और तय नहीं
स मय के लिए कुछ और तय नहीं सिवा इसके कि यह बीत जाता है लेकिन जो बीतता नहीं लौटता रहता है वह भी कोई समय ही था ज्यों तुम समय की तरह बीत चुके...




