शनिवार, 29 नवंबर 2025







जीवन में लोग गुलाब की तरह मिलते हैं। मोहक रंग, मनभावन खुशबू और कोमल पंखुड़ियों जैसे। ठीक है कि उनके साथ कुछ कांटे भी होते हैं पर कठिन है कांटो के डर से गुलाब से दूर होना।

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समय के लिए कुछ और तय नहीं

  स मय के लिए कुछ और तय नहीं सिवा इसके कि यह बीत जाता है लेकिन जो बीतता नहीं लौटता रहता है वह भी कोई समय ही था ज्यों तुम समय की तरह बीत चुके...