सोमवार, 12 जनवरी 2026

 "दुनिया उतनी ही ख़ूबसूरत है―इस नष्ट समय में भी―जितना हम उसे बना पाते हैं।"




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  "दुनिया उतनी ही ख़ूबसूरत है―इस न ष्ट समय में भी―जितना हम उसे बना पाते हैं।"