बुधवार, 18 मार्च 2026

अपमान माँगकर लिया नहीं जाता, बस यही है जो आपको कभी भी, कहीं भी बिना शर्त मिल सकता है। एक आम आदमी के लिए यह तय करना मुश्किल है कि वह हवा में घुला प्रदूषण अधिक गटकता है, या अपमान का ज़हर!

शायद अपमान दिया ही इसलिए जाता है कि इसे देनेवाले को कुछ अच्छा महसूस हो, उसे लगे कि इससे उसका मान कुछ तो बढ़ गया है। अपमान माँगकर लिया नहीं जाता, बस यही है जो आपको कभी भी, कहीं भी बिना शर्त मिल सकता है। एक आम आदमी के लिए यह तय करना मुश्किल है कि वह हवा में घुला प्रदूषण अधिक गटकता है, या अपमान का ज़हर!


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अपमान माँगकर लिया नहीं जाता, बस यही है जो आपको कभी भी, कहीं भी बिना शर्त मिल सकता है। एक आम आदमी के लिए यह तय करना मुश्किल है कि वह हवा में ...