वसंत की एक ही बात लुभावनी है कि इसमें रंग अपने सबसे उत्कृष्टतम रूप में उभर जाते हैं। मुझे रंगों का यह मेल-जोल इतना अच्छा लगता कि किसी भी उदासी या दुख में थोड़ी देर फूलों के पास खड़ी रहती हूँ। मन बदलने लगता है।
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